हाथी पर सवारी करने से इंकार करें – मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन

मथुरा – मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन 2023, जेसिका पेज ने वन्यजीव संरक्षण के बारे में और नजदीकी से जानने के लिए मथुरा में वाइल्डलाइफ एस ओ एस के हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र का दौरा किया और एनजीओ की देखरेख में रह रहे हाथियों से मुलाकात की। ग्रुप में सौंदर्य […]

city station 5 730x399 - आगरा की पहचान है सिटी स्टेशन , सिटी वाक में बन रहा है पर्यटक आकर्षण केंद्र

आगरा की पहचान है सिटी स्टेशन , सिटी वाक में बन रहा है पर्यटक आकर्षण केंद्र

आगरा :रेलवे का आगरा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है,विकास व विस्तार के इस क्रम में यहां उसकी अनेक परसंपत्तियां सृजित होती रही हैं । इसके इन्हीं स्ट्रैक्चरों में कई ऐसे हैं,जिनको संरक्षित किया जाना सामायिक दृष्टिकोण से आवश्यक है।आगरा पर्यटन प्रधान गतविधियों का केन्द्र है,स्वभाविक रूप से रेलवे […]

बेंगलुरु ने प्लास्टिक स्ट्रॉ से छुटकारे के लिए शुरू किया “नो स्ट्रॉ नारियल चैलेंज”

प्लास्टिक के खतरे का सामना करना संभवतः तेजी से बढ़ते शहरीकरण की सबसे बड़ी चुनौती रही है। प्लास्टिक हर किसी के दैनिक जीवन का हिस्सा बन गया है और इसलिए इससे पूरी तरह से छुटकारा पाना हमेशा एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण कार्य में योगदान न देने […]

आगरा का ओबेरॉय अमर विलास दुनिया के शीर्ष 50 होटलों की सूची में

आगरा – विश्व के टॉप 50 होटलों की 2023 सूची में जगह बनाने वाला एकमात्र आगरा स्थित भारतीय लक्जरी होटल, द ओबेरॉय अमरविलास को मिला। यह होटल ताज महल के अप्रतिबंधित दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहां इस संपत्ति के बारे में वह सब कुछ है जो आपको जानने की […]

उत्तर प्रदेश के शहर प्रयागराज में निकाली गई प्लास्टिक की अनूठी विदाई यात्रा

प्रयागराज – जागरूकता अभियान तो बहुत चलाए जाते हैं पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जो हुआ, ऐसा जुलूस शायद ही कभी कहीं निकाला गया हो। यहां खुशरू बाग लीडर रोड पर जल कल विभाग नगर निगम प्रयागराज की ओर से एक निराली विदाई यात्रा निकाली गई। यह थी ‘प्लास्टिक […]

आगरा के लोगों की हर मर्ज की दवा कचौड़ी ,बेड़ई और जलेबी

आगरा- कहावत है कि आगरा के लोगों की नींद गर्म चाय के साथ कचौड़ी , बेड़ई तथा जलेबी खाये बिना नहीं खुलती है। कई बार लोग टेंशन या गुस्से में दिखते हैं, तो कोई न कोई कह ही देता है कि यार तुमने आज कचौड़ी , बेड़ई नहीं खाईं। आगरा […]

एक समय आगरा छावनी की दुनिया कुछ अलग ही थी

आगरा – छावनी परिषद आगरा की स्थापना वर्ष 1805 में हुई थी। पूर्वी छोर पर सदर बाज़ार अच्छी तरह से नियोजित था और सेना के जवानों को बहुत सम्मान मिलता था। आइसक्रीम और कन्फेक्शनरी की दुकानों से बच्चों को आसानी से उधार सामान दिया जाता था क्योंकि दुकान मालिक जानते […]