मोदी और ईरान राष्ट्रपति की पश्चिम एशिया पर बातचीत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने नवरोज़ और ईद के अवसर पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रहे हालात पर चर्चा की।

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि त्योहारों का यह समय क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को लेकर चिंता जताई और कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डाल सकते हैं।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर भी जोर दिया, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम रास्तों को खुला और सुरक्षित बनाए रखने की आवश्यकता बताई, जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद यह भी कहा कि भारत क्षेत्र में शांति बनाए रखने का समर्थक है और कूटनीतिक समाधान को ही सबसे बेहतर रास्ता मानता है। उन्होंने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग के लिए ईरान का आभार भी व्यक्त किया।

यह इस साल बढ़ते तनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच दूसरी बातचीत है। इससे पहले मार्च में हुई चर्चा में ईरानी राष्ट्रपति ने अपने देश की आंतरिक स्थिति और क्षेत्रीय हालात पर जानकारी साझा की थी।

भारत लगातार यह मानता रहा है कि किसी भी प्रकार के लंबे संघर्ष के दूरगामी वैश्विक प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।