पश्चिम एशिया के हालात पर सरकार का अपडेट, प्रमुख क्षेत्रों पर नजर

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पश्चिम एशिया के बदलते हालात को देखते हुए भारत सरकार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय कदम उठा रही है। ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री परिचालन और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सहायता से जुड़े उपायों पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका के मद्देनज़र देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की स्थिर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं।

कच्चा तेल/रिफाइनरी

सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर संचालित हो रही हैं और पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है। रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन को अधिकतम किया गया है।

खुदरा स्तर
देशभर में किसी भी रिटेल आउटलेट पर ईंधन की कमी की सूचना नहीं है। सरकार ने जनता से अपील की है कि घबराहट में खरीदारी न करें, क्योंकि आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

प्राकृतिक गैस
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—जैसे डी-पीएनजी और सीएनजी (परिवहन)—को 100% आपूर्ति दी जा रही है, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को औसत खपत का लगभग 80% गैस मिल रही है।
सरकार ने सीजीडी कंपनियों को वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी कनेक्शन देने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन और स्वीकृति प्रक्रिया तेज करने के कदम भी उठाए गए हैं।

एलपीजी आपूर्ति

वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के चलते एलपीजी आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है।

घरेलू एलपीजी
एलपीजी वितरकों के पास गैस की कमी की कोई सूचना नहीं है। डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है और पैनिक बुकिंग में कमी आई है।

वाणिज्यिक एलपीजी
सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाकर कुल 50% तक कर दी है, जिसमें अतिरिक्त आवंटन भी शामिल है। यह आपूर्ति मुख्य रूप से रेस्तरां, होटल, ढाबे, कैंटीन और सामुदायिक रसोई जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है।
पिछले कुछ दिनों में राज्यों में बड़े पैमाने पर एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

केरोसिन (मिट्टी का तेल)

नियमित आवंटन के अलावा राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन भी दिया गया है। राज्यों से वितरण व्यवस्था मजबूत करने और जरूरत के अनुसार स्थान चिन्हित करने को कहा गया है।

राज्यों की भूमिका

राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें निगरानी बढ़ाने, सख्त कार्रवाई करने और जनता को सही जानकारी देने के लिए कहा गया है।
अधिकांश राज्यों ने कंट्रोल रूम और जिला स्तर पर निगरानी समितियां बना ली हैं।

प्रवर्तन कार्रवाई

कई राज्यों में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ छापेमारी की जा रही है। हाल के दिनों में हजारों छापे मारकर सिलेंडर जब्त किए गए हैं। तेल कंपनियों ने भी रिटेल आउटलेट्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स पर निरीक्षण बढ़ाया है।

अन्य सरकारी कदम

सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी प्राथमिकता सूची में रखा है।
रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति प्रबंधन और वैकल्पिक ईंधन जैसे केरोसिन और कोयले के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सार्वजनिक परामर्श

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। घबराहट में बुकिंग से बचने और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
लोगों को पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे विकल्प अपनाने और ऊर्जा संरक्षण के उपाय करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।

समुद्री सुरक्षा और जहाजरानी

सरकार क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखे हुए है। सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं और जहाजरानी संचालन सामान्य रूप से जारी है।
कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय है और बड़ी संख्या में कॉल और ईमेल का जवाब दिया जा रहा है। कई नाविकों को सुरक्षित वापस भी लाया गया है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन क्षेत्र में मौजूद भारतीयों के संपर्क में हैं और हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हेल्पलाइन सेवाएं जारी हैं और स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
हाल के दिनों में बड़ी संख्या में लोग भारत लौटे हैं, जबकि विभिन्न देशों से उड़ान संचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
सरकार ने यह भी बताया कि कुछ भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई है और एक लापता है, जिनकी तलाश और पार्थिव शरीर को वापस लाने के प्रयास जारी हैं।