डिजिटल माध्यम से भारत में पहली जनगणना
नई दिल्ली – जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसके सफल कार्यान्वयन के लिए सरकार ने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इन प्रयासों के हिस्से के रूप में, संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया के वास्तविक समय में प्रबंधन और निगरानी के लिए ‘जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली’ (सीएमएमएस) नामक एक समर्पित पोर्टल विकसित किया गया है। एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से उप-मंडल, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के अधिकारी गणना की प्रगति, क्षेत्रीय कार्य-प्रदर्शन और परिचालन संबंधी तैयारियों की निगरानी कर सकेंगे।
हाउसलिस्टिंग और आवास जनगणना (एचएलओ) मोबाइल एप्लिकेशन
यह गणना करने वालों के लिए हाउसलिस्टिंग डेटा एकत्र करने और अपलोड करने हेतु एक सुरक्षित ऑफलाइन ऐप है, जिसका उपयोग केवल सीएमएमएस पोर्टल पर पंजीकृत व्यक्ति ही कर सकेंगे। यह ऐप सीधे फील्ड-से-सर्वर तक डेटा भेजने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे कागजी कार्रवाई पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।
हाउसलिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (एचएलबीसी) वेब मैपिंग एप्लिकेशन
जनगणना 2027 का एक अन्य नवाचार एचएलबी क्रिएटर वेब मैपिंग एप्लिकेशन है, जिसका उपयोग चार्ज अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। यह सैटेलाइट इमेजरी (उपग्रह चित्रों) की मदद से हाउसलिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) के डिजिटल निर्माण की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे बिना किसी दोहराव या छूट के पूरे देश का सटीक भौगोलिक कवरेज सुनिश्चित हो सकेगा।
स्व-गणना पोर्टल
घर-घर जाकर की जाने वाली गणना (फील्ड विजिट) से पहले 15 दिनों की एक वैकल्पिक ‘स्व-गणना’ अवधि दी जाएगी। स्व-गणना पोर्टल एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा है, जो किसी परिवार के पात्र उत्तरदाताओं को क्षेत्रीय कार्य (फील्ड ऑपरेशंस) शुरू होने से पहले अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन जमा करने की सुविधा देता है। सफलतापूर्वक डेटा जमा करने पर, एक विशिष्ट स्व-गणना पहचान संख्या (एसई आईडी) जनरेट होगी। इस एसई आडी को एन्यूमेरेटर के साथ साझा करना होगा, जिसके आधार पर एन्यूमेरेटर जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे।
स्व-गणना सुविधा
जनगणना 2027 में नागरिकों की सुविधा के लिए किया गया एक बड़ा नवाचार ‘स्व-गणना’ सुविधा की शुरुआत है, जिसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
यह सुविधा एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध होगी।
यह पोर्टल 16 भाषाओं (असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू) में उपलब्ध होगा।
उत्तरदाता अपनी जानकारी स्वतंत्र रूप से भर सकते हैं, जिसके बाद एक विशिष्ट स्व-गणना (एसई) आईडी जनरेट की जाएगी।डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल पर ही यूजर गाइड, फ्लो चार्ट, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू), आवश्यक ‘टूल टिप्स’, ट्यूटोरियल वीडियो और उत्तरों की जांच के विकल्प दिए गए हैं।गणनाकार घर-घर दौरे के दौरान इस डेटा की पुष्टि करेंगे और इसे मुख्य जनगणना डेटा के साथ एकीकृत करेंगे।
