पेरिस में लिटिल इंडिया

पेरिस में भारत की एक छोटी सी झलक: रू द फॉबूर्ग सैंट-डेनिस

NRI

पेरिस का नाम आते ही एफिल टावर, खूबसूरत गलियां, सीन नदी और पुराने महलों की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है। लेकिन पेरिस सिर्फ इन मशहूर जगहों का नाम नहीं है। इस शहर की कई गलियों में आपको दुनिया के अलग-अलग देशों की झलक भी देखने को मिलती है।

ऐसी ही एक जगह है रू द फॉबूर्ग सैंट-डेनिस, जो पेरिस के दसवें क्षेत्र में है। भारतीयों और दूसरे दक्षिण एशियाई लोगों के लिए यह इलाका खास है, क्योंकि यहां कई ऐसे रेस्तरां और दुकानें हैं जहां आपको अपने देश की याद आ सकती है।

इसी सड़क पर पैसेज ब्रैडी नाम की एक पुरानी जगह है। इसे आम तौर पर पेरिस का “लिटिल इंडिया” कहा जाता है। यहां भारतीयों के साथ-साथ पाकिस्तानी, श्रीलंकाई, मॉरीशस और दूसरे दक्षिण एशियाई समुदायों से जुड़े कारोबार भी देखने को मिलते हैं।

पैसेज ब्रैडी में क्यों आता है भारत याद?

विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए घर की याद हमेशा किसी बड़ी चीज से नहीं आती। कभी खाने की खुशबू, कभी किसी मसाले की पहचान और कभी अपनी भाषा सुन लेना ही काफी होता है।

पैसेज ब्रैडी के आसपास घूमते हुए कुछ भारतीयों को ऐसा ही एहसास हो सकता है। यहां भारतीय भोजन परोसने वाले रेस्तरां हैं, खाने-पीने की चीजों की दुकानें हैं और कई ऐसी चीजें मिलती हैं जो भारत में रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा रही हैं।

यह जगह भारत की कोई नकल नहीं है। यह पेरिस का ही एक हिस्सा है, जहां समय के साथ दक्षिण एशिया से आए लोगों और उनके कारोबार ने अपनी जगह बनाई है। शायद यही बात इसे और खास बनाती है।

इस जगह का इतिहास भी दिलचस्प है

पैसेज ब्रैडी कोई नई बनी हुई जगह नहीं है। इसका इतिहास वर्ष 1828 तक जाता है। यह रू द फॉबूर्ग सैंट-डेनिस के 46 नंबर पर स्थित है और बीच में बुलेवार्द द स्ट्रासबूर इसे दो हिस्सों में बांटता है।

आज यहां आने वाले लोगों को पुरानी पेरिस की इमारतों के बीच दक्षिण एशियाई संस्कृति की झलक मिलती है। यही मेल इस जगह को पेरिस की दूसरी गलियों से अलग पहचान देता है।

भारत से पेरिस आने वालों के लिए खास

भारत से पेरिस घूमने आने वाले लोगों के लिए यह जगह एक अलग तरह का अनुभव हो सकती है। पहली बार पेरिस आने वाला व्यक्ति आम तौर पर एफिल टावर, लूव्र संग्रहालय और सीन नदी देखना चाहता है। ये जगहें अपनी जगह खास हैं, लेकिन शहर को समझने के लिए उसके आम इलाकों में घूमना भी जरूरी है।

रू द फॉबूर्ग सैंट-डेनिस ऐसी ही एक जगह है। यहां आपको पेरिस का वह रूप दिखाई देता है जहां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग साथ रहते हैं।

यहां कैसे पहुंचें?

पैसेज ब्रैडी का पता है 46 रू द फॉबूर्ग सैंट-डेनिस, 75010 पेरिस। इसके पास स्ट्रासबूर–सैंट-डेनिस और शातो द’ओ जैसी भूमिगत रेल की जगहें हैं।

अगर आप यहां जाने की योजना बना रहे हैं तो केवल किसी एक रेस्तरां तक जाकर वापस लौटने के बजाय आसपास की गलियों में थोड़ा समय बिताएं। दुकानों को देखें, खाने की खुशबू महसूस करें और इस पुराने पेरिस के माहौल को समझने की कोशिश करें।

क्या इसे सच में पेरिस का भारत कह सकते हैं?

पूरी रू द फॉबूर्ग सैंट-डेनिस को भारत कहना सही नहीं होगा। यह एक मिला-जुला और अलग-अलग संस्कृतियों वाला इलाका है। हां, पैसेज ब्रैडी और इसके आसपास भारतीय तथा दक्षिण एशियाई संस्कृति की मौजूदगी इतनी साफ दिखाई देती है कि इसे “लिटिल इंडिया” कहना समझ में आता है।

शायद इसी वजह से यह जगह भारतीयों के लिए खास लगती है। यहां आपको भारत नहीं मिलता, लेकिन भारत की कुछ जानी-पहचानी चीजें जरूर मिल जाती हैं।

आखिर में

पेरिस की खूबसूरती केवल उसके बड़े स्मारकों में नहीं है। उसकी असली कहानी उन गलियों में भी छिपी है जहां अलग-अलग देशों से आए लोगों ने अपने लिए एक नई जगह बनाई है।

रू द फॉबूर्ग सैंट-डेनिस और पैसेज ब्रैडी इसी कहानी का एक छोटा सा हिस्सा हैं। भारतीय पर्यटकों और विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए यह जगह खाने, घूमने और कुछ देर के लिए घर की याद महसूस करने का एक अच्छा अनुभव हो सकती है।