Japan Hourse - जापान में घोड़ों को दौड़ के लिए तैयार करने में सफल भारतीय कर्मचारी

जापान में घोड़ों को दौड़ के लिए तैयार करने में सफल भारतीय कर्मचारी

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जापान का हिदाका शहर राजसी खेल “घुड़दौड़” का गढ़ कहलाता है। हिदाका क्षेत्र के सैंकड़ों अस्तबल जापान में दौड़ के लिए 80 प्रतिशत घोड़े तैयार करते हैं। वहां घोड़े तैयार करने वाले एक भारतीय प्रवासी मदन सिंह का कहना है, “अपने परिवार से दूर रहने में कुछ अकेलापन तो लगता है पर मेरी आमदनी गाँव के मुक़ाबले दोगुनी से भी अधिक है।”

31 वर्षीय मदन सिंह, सात वर्ष पहले राजस्थान के अपने गाँव में पत्नी और बच्चों को छोड़कर काम की तलाश में दक्षिणी हिदाका में उराकावा आए थे। वे दिनभर घोड़ों की देखभाल करते हैं और पास में ही अपने साथियों संग रहते हैं।
यहाँ मदन सिंह अकेले नहीं हैं। उनके अस्तबल में 62 कामगारों में से 14 भारतीय हैं।श्रमिकों की कमी से जूझते इस व्यवसाय को अब मददगार हाथ मिल गए हैं। घोड़ा पालन में माहिर भारतीय अब बड़ी संख्या में यहाँ काम करने आते हैं। स्थानीय निवासियों की कोशिश है कि वे इस समुदाय में आसानी से रच-बस कर चैन की ज़िन्दगी बसर करें।
उराकावा नगर में सुबह की शीतल मन्द पवन मन को शान्ति देती है। किन्तु घोड़ों की धमकती टाप जल्द ही इस शान्ति को भंग करने लगती है। इन घोड़ों को दौड़ के लिए तैयार करना आसान नहीं है पर बहुत से लोगों को यह काम सुकून देता है। इन दिनों अनेक देशों के कामगार इससे जुड़ने लगे हैं। (NHK World )