NSE - एनएसई आईएक्स ने एनआरआई निवेशकों के लिए 30 वैश्विक बाजारों का रास्ता खोला

एनएसई आईएक्स ने एनआरआई निवेशकों के लिए 30 वैश्विक बाजारों का रास्ता खोला

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भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र गिफ्ट सिटी से संचालित NSE International Exchange (एनएसई आईएक्स) ने प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और घरेलू खुदरा निवेशकों के लिए 30 वैश्विक शेयर बाजारों में निवेश की सुविधा शुरू की है। इस पहल से अब निवेशक एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और यूरोप सहित कई प्रमुख बाजारों तक पहुंच बना सकेंगे।

यह नई व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय निवेश को सरल बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। खास बात यह है कि निवेशक अब फ्रैक्शनल शेयर (आंशिक शेयर) भी खरीद सकेंगे, जिससे महंगे विदेशी शेयरों में कम राशि से निवेश संभव होगा।

एनआरआई निवेशकों को क्या होगा लाभ?

विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब उन्हें अलग-अलग विदेशी ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म का सहारा लेने की आवश्यकता कम होगी। भारतीय नियामकीय ढांचे के भीतर रहकर वैश्विक विविधीकरण का अवसर मिलना निवेशकों के लिए भरोसे का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन एनआरआई पेशेवरों को फायदा होगा जो अमेरिका, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया में कार्यरत हैं और अपने पोर्टफोलियो को वैश्विक स्तर पर संतुलित करना चाहते हैं।

गिफ्ट सिटी की बढ़ती भूमिका

गुजरात स्थित GIFT City को भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक वैश्विक निवेश गतिविधियां भारत के वित्तीय ढांचे के माध्यम से संचालित हों।

हाल के वर्षों में गिफ्ट सिटी में कई वित्तीय संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय उत्पादों की शुरुआत हुई है। एनएसई आईएक्स की यह नई पहल उसी दिशा में एक और कदम मानी जा रही है।

आगे क्या?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड, डेरिवेटिव और अन्य निवेश उत्पादों की भी शुरुआत की जा सकती है, जिससे एनआरआई निवेशकों के लिए विकल्प और बढ़ेंगे।

भारत विश्व के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक का घर है। ऐसे में वैश्विक निवेश के लिए आसान और पारदर्शी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।