EU INDIA 730x515 - भारत – यूरोप व्यापार संबंधों में नया मोड़, फ्री ट्रेड डील अंतिम चरण में

भारत – यूरोप व्यापार संबंधों में नया मोड़, फ्री ट्रेड डील अंतिम चरण में

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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चल रहा मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) अब अंतिम चरण में पहुँच गया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और समझौते की औपचारिक घोषणा जनवरी 2026 के अंत तक हो सकती है।

इस प्रस्तावित समझौते के तहत भारत यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती करने पर सहमत हो सकता है। वर्तमान में आयातित कारों पर शुल्क लगभग 110 प्रतिशत तक है, जिसे घटाकर करीब 40 प्रतिशत किए जाने की संभावना है। इसे भारत की व्यापार नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

इस मुक्त व्यापार समझौते से भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। यूरोपीय संघ भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है और इस समझौते के बाद भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

समझौते को लेकर कई वर्षों से बातचीत चल रही थी, लेकिन हाल के महीनों में वार्ताओं में तेजी आई है। विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, विनिर्माण, दवा और हरित प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हाल ही में भारत की वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए कहा था कि एक मजबूत भारत वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। माना जा रहा है कि यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को और मजबूत करेगा।

यदि यह मुक्त व्यापार समझौता अंतिम रूप ले लेता है, तो यह भारत और यूरोपीय संघ के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।