रूस यूक्रेन युद्ध के कारण सूरत के डायमंड श्रमिक दयनीय स्थिति में

हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग के लिए मशहूर सूरत को भारत के डायमंड सिटी के नाम से जाना जाता है। यह शहर रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण हीरा आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के कारण मुश्किलों से गुजर रहा है। दुनिया के 90% हीरों की कटाई और पॉलिशिंग का काम सूरत में […]

आगरा का नाम लेते ही लोगों के मुहँ में पानी आ जाता

आगरा की संस्कृति और विरासत सदियों पुरानी है। आगरा का नाम लेते ही लोगों के मुहँ में पानी आ जाता है। आगरा को कैपिटल ऑफ फूड भी कहा जा सकता है। सुन्दर स्मारकों से लेकर विभिन्न जातियों के कई राजवंशों द्वारा शासित होने तक, शहर विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का […]

भारतीय शेफ चंद्रा की खिचड़ी ने लोगों का दिल जीता कान्स फिल्म फेस्टिवल में

भारतीय शेफ मनु चंद्रा ने फ्रांस के 2022 के अंतरष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में उद्घाटन अवसर पर भारतीय खाने से सबका दिल जीतने में सफल रहे। मनु को खाना बनाने में बचपन से ही रूचि थी। उनकी इस कला का हमेशा एहसास दिलाती रहीं थीं उनकी दादी। भोजन उनके संयुक्त परिवार […]

मध्य प्रदेश की गोंड कला को लॉस एंजिल्स के तक पहुँचाया वेंकट रमन ने

36 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश में पेंटिंग का सफर शुरू करने वाले वेंकट रमन के लिए जिंदगी का दौर पूरा मानते हैं । इस कलाकार ने अपना भोजन पाने के लिए अजीबोगरीब काम किया था किन्तु आज, वह आधुनिक गोंड कला को दुनिया भर में चित्रित करते हैं जो लॉस […]

भारत के यूपीआई और रुपे कार्ड से आप शीघ्र ही पेमेंट कर सकेंगे फ्रांस में

यूपीआई और रुपे कार्ड से आप शीघ्र ही फ्रांस अपने भुगतान कर सकेंगे। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए भारतीय राजदूत जावेद अशरफ ने बताया कि भारत ने फ्रांस के लाइरा नेटवर्क के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं । जावेद अशरफ जब सिंगापुर में राजदूत थे , उस […]

ग्लोबल वार्मिंग ने बदल दी है हिमालय में स्थित नामचे बाजार के लोगों की जिंदगी

एवरेस्ट साउथ बेस कैंप के रास्ते में 3,555 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नामचे बाजार में ग्लोबल वार्मिंग के कारण सबकुछ बदलता नज़र आ रहा है। इस समय ये पहाड़ बर्फ से सफेद होते थे – उनपर अब केवल कुछ ही धारियाँ ही दिखाई रही हैं। साथ ही पिछले साल […]

सत्यजीत रे ने फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’में ऐतिहासिक यथार्थता कैसे हासिल की

पहली हिंदी भाषाई फिल्म शतरंज के खिलाड़ी बनाने से पूर्व जाने माने भारतीय फिल्म निर्माता स्व सत्यजीत रे ने 1976 में 19वीं सदी की मूल मुर्शिदाबाद और लखनऊ पेंटिंग्स को देखने के लिए इंडिया ऑफिस लाइब्रेरी ( वर्तमान में ब्रिटिश लाइब्रेरी का हिस्सा ) का दौरा किया था , इसी […]