Author: राजीव सक्सेना
ऋषि सुनक को मिला बड़ा दीपावली गिफ्ट, बने ब्रिटेन के प्रधान मंत्री
भारतीय मूल के अप्रवासी के पौत्र ऋषि सुनक ने 200 वर्षों में सबसे कम उम्र के ब्रिटिश प्रधान मंत्री बनकर यू के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया । सुनक की उम्र मात्र 42 वर्ष है। वह इस पद को धारण करने वाले पहले गैर-श्वेत व्यक्ति हैं । भारतीय मूल […]
सदियों पुरानी वर्जनाओं को तोड़ते हुए वृंदावन की विधवाओं ने मनाई दिवाली
मथुरा के आश्रमों में रहने वाली बड़ी संख्या में विधवाओं ने सदियों पुरानी वर्जनाओं को तोड़ते हुए शुक्रवार को पवित्र शहर वृंदावन में यमुना नदी के तट पर दीपावली मनाई। बताया जाता है सदियों पुराने हिंदू समाज में विधवाओं को किसी भी शुभ कार्यों और अनुष्ठानों में भाग लेने की […]
आगरा के सॉफ्टवेयर पार्क का निर्माण कार्य पूरा होगा 31 अक्टूबर तक
आगरा – 1991 में अपनी स्थापना के बाद से STPI देश में 62 सॉफ्टवेयर टेक्नॉलॉजी पार्क स्थापित कर चुका है। इन केंद्रों के जरिये आईटी सक्षम सेवाओं के क्षेत्र में उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण बनाकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों को बढ़ावा देना जाना जारी है । किन्तु दुर्भाग्य […]
उत्तर प्रदेश में गरीब कन्याओं की शादियों का खर्चा उठा रही है प्रदेश सरकार
भारत में शादी का आयोजन करना एक बहुत महँगा काम है। लोग अबतक इस दिखावे के घेरे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। खासतौर से गरीब परिवार के लोग इस दिखावे की प्रथा के मुख्य शिकार हैं। अक्सर देखा गया है कि बेटी के पिता द्वारा शादी के लिए […]
ताज सिटी आगरा के टूरिस्ट फ्रेंडली न होने की खामी नजर आती है टूरिस्टों को
आगरा – दुनिया का कोई भी टूरिस्ट जबभारत घूमना चाहता है , उसकी लिस्ट में पहले नम्बर पर होता है आगरा का ताजमहल। आगरा शहर सिर्फ पर्यटकों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि भारत सरकार के लिए भी, क्योंकि ताजमहल के जरिये सरकार को नियमित अच्छा राजस्व प्राप्त होता […]
मेरा टेसू यहीं अड़ा खाने को माँगे दही बड़ा, सुनाई देता था आगरा की गलियों में
आगरा में एक समय टेसू झांझी की परंपरा गली गली में दिखाई देती थी। एक समय था जब शरद ऋतु के आगमन के दौरान आगरा के गली मोहल्लों में लड़के लड़कियां घर-घर जाते थे थे और गाना गाकर चंदा मांगते थे, किन्तु यह प्रथा अब समाप्त सी हो गई है […]
अकबर अपने कालीनों को निहारने में काफी समय बिताते थे आगरा में
आगरा के कारपेट्स ने भी कश्मीर कारपेट्स की तरह दुनिया भर में अपना महत्वपूर्ण आकर्षण बनाया हुआ है। आगरा में मुगलों ने कालीन उद्योग को व्यापक संरक्षण दिया था । 16 वीं शताब्दी में अकबर ने पहला केंद्र स्थापित किया था था। यहाँ फारसी बुनकरों को कारखाना लगाने और स्थानीय […]
