Author: राजीव सक्सेना
पहला पनीर नान परोसा था बंबई के गुप्ता परिवार के अन्नपूर्णा रेस्तरां ने पेरिस में
नान खाना , यह एक प्राचीन भारतीय परंपरा है, सिवाय इसके कि भारत में इसे पनीर से स्टफ नहीं किया जाता है । किन्तु यूरोप के सभी भारतीय रेस्तरां में पनीर नान सबसे अधिक लोकप्रिय परोसी जाने वाली ब्रेड है। पनीर नान को पहली बार अन्नपूर्णा रेस्तरां में परोसा गया […]
आगरा का प्रिया लाल फोटो स्टूडियो स्थापित हुआ था 1878 में
आगरा – यदि भारत में फोटोग्राफी की बात की जाय तो 1878 में स्थापित प्रिया लाल फोटो स्टूडियो को शायद ही कभी भुलाया जा सके। 136 वर्ष पूर्व प्रिय लालजी ने फोटो क्लिक करना तब शुरू किया जब भारत में फोटोग्राफी अपनी प्रारंभिक अवस्था में थी। वर्तमान में प्रिय लाल […]
भारत की सबसे सुन्दर कॉलेज इमारतों में से एक है आगरा का सेंट जॉन्स कॉलेज
आगरा। यदि भारत की सबसे सुन्दर कॉलेज इमारतों को ढूंढा जाय तो वह आगरा में है। इंडो-सरैसेनिक वास्तुकला में लाल बलुआ पत्थर में बना आगरा का सेंट जोन्स कॉलेज भारत की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है। सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा की स्थापना 1850 में इंग्लैंड की चर्च मिशनरी […]
फुर्तीली उंगलियों पर नाचती कठपुतलियां शाही दरबारों के मनोरंजन का साधन थीं
कलाकार की फुर्तीली उंगलियों पर नाचती हुई कठपुतलियों का प्रदर्शन आपने अवश्य देखा होगा। ये कठपुतलियां चुलबुले रंग, तेज चेहरे की विशेषताएं, निपुण चाल, एक विशिष्ट पारंपरिक अवतार में चीखती आवाजें और सीटियों उत्साहित दर्शकों के सामने कलाकार द्वारा नचाई जाती हैं । पुतली भाट इस कला की खोज करने […]
विदेशी आगंतुकों की नई पसंदगी ताज सिटी आगरा का कोलोनियल वॉक
विश्व प्रसिद्ध शहर आगरा सिर्फ ताज और अन्य मुगल स्मारकों के लिए ही नहीं है, यह ब्रिटिश राज के दिनों से औपनिवेशिक संरचनाओं का खजाना भी है। ताजमहल देखने आये आगुन्तकों के मध्य आगरा में कोलोनियल वॉक करना बहुत लोकप्रिय होता जा रहा है । इस वॉक का उद्देश्य आगंतुकों […]
रेलवे के इतिहास को जानने के लिए आगरा के हेरिटेज स्टेशनों को अवश्य देखें
आगरा के हेरिटेज रेलवे स्टेशन देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण हैं। ब्रिटिश काल में बने ताज सिटी के अधिकांश रेलवे स्टेशन न केवल कार्यात्मक इमारतें हैं बल्कि अपने आप में पर्यटन स्थल भी हैं। ये न सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि इनके पीछे लम्बा इतिहास भी है। आगरा छावनी […]
आगरा के निकट लाल पत्थरों की भूमि धौलपुर सांस्कृतिक विरासत में बेहद समृद्ध
धौलपुर -पत्थर की खदानों और अपने दस्यु पीड़ित खंडहरों के लिए जाने जाना वाला धौलपुर राजपुताना के प्रसिद्ध लाल बलुआ पत्थर का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है। आगरा से 55 किलोमीटर दूरी पर स्थित धौलपुर के प्रसिद्ध लाल बलुआ पत्थर का उपयोग सदियों से कई महलों और महत्वपूर्ण संरचनाओं के […]
