Author: राजीव सक्सेना
आगरा की पुरानी हवेलियां में आज भी छिपी हैं बीते युग की कहानियां
आगरा की सेठगली और इसके इर्द गिर्द में बहुत सी 19वीं सदी की पुरानी हवेलियां हैं जिनमें विशेष लोहे की रेलिंग देखने को मिलती है। उस समय लोहे की ढलाई से बनाई गई ये रेलिंग ग्रेट ब्रिटेन से आयात की जाती थीं। ये सुन्दर रेलिंग उस धन का प्रतीक थीं […]
भारत की आर्थिक क्रांति में महिलाओं का महत्वूर्ण योगदान
आगरा में जी-20 प्रतिनिधिमण्डल की उपस्थिति तथा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में महिला सशक्तिकरण के लिए महामंथन कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जी-20 प्रतिनिधिमंडल के समक्ष भारतीय क्लासिकल नृत्य कत्थक की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति कलाकारों द्वारा दी गयी, जिससे मेहमान भावविभोर व गदगद नजर आये। […]
G 20 में आये विदेशी प्रतिनिधियों का होगा आगरा में स्वागत ब्रज कला और संस्कृति से
( राजीव सक्सेना ) आगरा – जी20 बैठक में भाग लेने के लिए आने वाले विदेशी प्रतिनिधि आगरा के ताजमहल , किले और एतमाद उद दौले को भी दीदार करेंगे। 12 फरवरी को तीनों स्मारक आम जनता और पर्यटकों के लिए चार घंटे के लिए बंद रहेंगे। आगरा में होने […]
दुनिया में सबसे ज्यादा फोटो खींचे जाने वालों स्मारकों में आगरा का ताजमहल भी
आगरा। दुनिया के सबसे अधिक छायाचित्रित स्मारकों में बिना किसी संदेह के आगरा का ताजमहल भी एक है। ताजमहल पूरी दुनिया में सबसे प्रसिद्ध और प्रिय स्थलों में से एक है, और यह एक ऐसा स्मारक है जिसने दुनिया भर के लोगों की कल्पना पर विजय पाई हुई है। यह […]
आजादी के बाद 1955 में स्थापित हुआ था आगरा का पहला होटल
आगरा – गोवर्धन होटल ताज सिटी का पहला होटल है जो 1955 में भारत की आजादी के बाद स्थापित किया गया था। शहर के साथ साथ यह होटल विकसित हुआ है। इसे आगरा का ऐतिहासिक होटल कह सकते हैं। यह होटल पुराने दिल्ली गेट के नज़दीक स्थित है।गोवर्धन होटल कमरे […]
आगरा की स्टार्टअप जो पर्यटकों को अनदेखी पुरानी गलियों में कराती है सैर
आगरा के युवा ऋतिक गुप्ता ने अपने शीर्ष एमबीए कॉलेज में प्रवेश को ठुकराते हुए ट्रोकल्स नाम के एक ट्रेवल स्टार्टअप की स्थापना की थी। ट्रोकल्स का अर्थ है ट्रेवल लोकल। इस स्टार्टअप के जरिये वह पर्यटकों को आगरा की छिपी विरासतों तथा संस्कृति तक पहुँचाना चाहते हैं, जिनके बारे […]
ए एच व्हीलर बुक स्टैंडों की शुरुआत एक फ्रेंच मैन ने इलाहाबाद से की थी
आपने भारत के अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर ए.एच.व्हीलर के बुक स्टाल देखे होंगे , पुस्तक पत्रिकाएं भी खरीदी होंगी। क्या आपको पता है इसके पीछे दिमाग एक फ्रांसीसी व्यक्ति एमिली मोरे का था, जो 1857 के दौरान इलाहाबाद में आये हुए थे । यह फ्रेंच आदमी एक स्थित अंग्रेजी फर्म […]

