Author: राजीव सक्सेना
पृथ्वी का हर हिस्सा हवा, पानी और जमीन प्लास्टिक से प्रदूषित है
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष 5 जून को हम अपने पर्यावरण को याद करते हैं। 2023 का थीम “बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन” है। आज प्रकृति और मनुष्य के बीच प्लास्टिक एक सबसे बड़ी बाधा बन चुकी है। हमें प्लास्टिक से आजादी पाना काफी मुश्किल हो गया है। प्लास्टिक […]
भारत ट्रेन दुर्घटना : मोदी ने कहा, इस दर्द को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं
पीएम मोदी ने कहा भयानक हादसा हुआ. मुझे असहनीय पीड़ा हो रही है और कई राज्यों के नागरिकों ने इस यात्रा में कुछ न कुछ खोया है। जिन लोगों की जान चली गई है, उनके लिए यह दर्द से परे बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाला है। घायलों के परिजनों […]
रेगिस्तान में खेजड़ी पेड़ों की गिरती संख्या पर बिश्नोई कम्युनिटी चिंतित
बिश्नोई कम्युनिटी के लोग खेजड़ी वृक्षों को कुलदेवी वृक्ष कहते हैं।अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के कारण इन वृक्षों की गिरती संख्या के कारण बिश्नोई काफी चिंतित हैं। खेजड़ी, वह वृक्ष जो रेगिस्तान को जीवन प्रदान करता है। अधिकांश वृक्ष ऊंचाई में 5 मीटर से अधिक तथा कांटेदार होते हैं। […]
जरा सोचिये हम एक महीने में कितनी प्लास्टिक इस्तेमाल करते हैं
फ्रांस के युवाओं की संस्था ‘ प्लास्टिक अटैक ‘ ने “जीरो प्लास्टिक” और “जीरो वेस्ट” का जन जागरूक अभियान चलाया हुआ है। उनका कहना है कि दुनिया का हर आदमी जानता है कि हम सीमित संसाधनों वाले एक ग्रह पर रहते हैं, यही कारण है कि विश्व सभी देशों को […]
पहली बार ब्रिटिश-भारतीय लॉर्ड मेयर चुने गए पंजाब के एनआरआई चमन लाल
लंदन – पार्षद चमन लाल बर्मिंघम के लॉर्ड मेयर बने। उनका जन्म होशियार पुर जिले, पंजाब, भारत में पखोवाल नामक गाँव में हुआ था। लाल के पिता 1954 में इंग्लैंड आने के बाद ब्रिटिश स्टील के विभिन्न उद्योगों में नौकरी करते हुए लेकर बर्मिंघम में बस गए।चमन अपनी मां सरदारनी […]
हिलेरी और तेनजिंग ने 70 वर्ष पूर्व माउंट एवरेस्ट पर फहराया था पहला झंडा
सत्तर साल पहले 29 मई 1953 को सुबह 11.30 बजे, हिलेरी और तेनजिंग ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर झंडा लगाने वाले पहले पर्वतारोही के रूप में विश्व इतिहास रचा था। इस अवसर पर उनकी याद में तेनजिंग के बेटे जैमलिंग और एडमंड हिलेरी के बेटे पीटर संयुक्त रूप से […]
महत्वपूर्ण पर्यटक आकर्षण बन चुकी है ऊंट दौड़ दुबई में
ऊंट दौड़ अब दुबई का खास आकर्षण बन चुकी है। ये जानवर हमेशा बेडौइन संस्कृति और जीवन शैली का एक अभिन्न अंग रहे हैं। ऊंटों ने जनजातियों को भोजन, कपड़े, परिवहन और ऊंट दौड़ के रूप में मनोरंजन दिया है । मानवाधिकारों और जानवरों के इलाज पर बहुत विवाद चल […]

